कंप्यूटर क्या हैं – What Is Computer In Hindi? पुरी जानकारी

आज के इस लेख में कंप्यूटर क्या हैं, कंप्यूटर कैसे काम करता है, कंप्यूटर के कितने प्रकार होते हैं, और कंप्यूटर के इतिहास बारे में आपको बताने वाले हैं, कहने का यह तात्पर्य हैं, की इस पोस्ट में कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में बताने जा रहा हूं.

What-is-computer-in-hindi Computer-kya-hai,

आज के समय में हर जगह Computer का Use हो रहा है, आपने बड़े लोगो को ये कहते हुए जरूर सुना होगा कि आज के जमाने में बिना कंप्यूटर सीखे नौकरी मिलना मुश्किल है,

जिसका कारण हैं, की आज के जमाने में हर जगह कंप्यूटर का Use हो रहा, रेलवे स्टेशन, बैंक, पुलिस स्टेशन, पेट्रोल पम्प, मनोरंजन, यहां तक कि खेती करने में भी कंप्यूटर का प्रयोग हो रहा है

एक बार एक कक्षा में बहुत सारे विद्यार्थियों से पूछा गया कि वो कौन सा क्षेत्र हैं, जहां पर Computer का यूज नहीं होता? उस क्लास में से एक लड़का बोला की खाना बनाने में कंप्यूटर का यूज नहीं होता, तब सर जी ने कहां आप गुरुद्वारे के बारे में जानते हैं, जहां रोज लंगर होता है,

वहां पर रोज लाखों रोटियां बनाई जाती हैं, और वो रोटी इंसान द्वारा नहीं बल्कि मशीन द्वारा ऑटोमैटिक बनाया जाता है, सिर्फ उस मशीन में आटा डालना पड़ता है, और बाकी काम जैसे आटा को मिलना, रोटी पकाना, इत्यादि काम खुद मशीन करता है, कहने का मतलब यह है. की यह मशीन एक प्रकार का कंप्यूटर ही हैं, जो ऑटोमैटिक अपना काम करता जाता है, और इस प्रकार सर जी ने बता दिया कि खाना बनाने में भी Computer का Use होता है! ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां Computer का Use ना होता हो,

इसलिए आज के पोस्ट में हम जानेंगे की कंप्यूटर क्या हैं (What Is Computer), कंप्यूटर का उपयोग, कम्प्यूटर का इतिहास, कम्प्यूटर के प्रकार, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, इत्यादि के बारे में बताने वाले हैं, इसलिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़े,

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कम्प्यूटर क्या हैं? (What is Computer in Hindi)

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो डेटा स्वीकार करता है, और प्राप्त डाटा को मेनू प्लेट कर हमें वांछित जानकारी देता है, या डेटा का परिणाम दिखाता है, Computer शब्द का निर्माण लैटिन भाषा के दो शब्द Comput + Er से मिल कर बना हैं, जिसका मतलब संगणक होता है,

आम भाषा में कहें तो कम्प्यूटर लैटिन भाषा के दो शब्दो Comput + Er से मिलकर बना है, Comput का अर्थ गणना होता हैं, और Er का अर्थ करने वाला होता है और इस प्रकार कम्प्यूटर का मतलब गणना करने वाला बन जाता है, कंप्यूटर के अन्य नाम संगणक,अभिकलक, परिकलक, अभीकालित्र भी हैं,

भले ही कंप्यूटर के अनेक नाम हैं, लेकिन लगभग सभी जगह कंप्यूटर को कंप्यूटर नाम से ही पुकारा जाता है, आज के इस डिजिटल जमाने में लगभग 60 % लोगो के पास Computer हैं, जिसका उपयोग वो अपनी निजी जीवन को आसान बनाने के लिए करते हैं , कई देश में ऐसे स्टूडेंट्स है, जो स्कूल ना जाकर Computer के ही द्वारा पढ़ाई करते हैं,

हम जब कोई स्कूल, इस्ट्यूट, ऑफिस,इंटरव्यू, इत्यादि के लिए जाते हैं, तो कई लोग हमसे पूछ देते हैं, की कंप्यूटर क्या हैं, What Is The Computer और हमे मालूम नहीं होता लेकिन अब कोई आपसे पूछे कि Computer Kya Hai, तो आप इसका जवाब देते हुए कहना

“कंप्यूटर एक विद्युतीय( इलेक्ट्रॉनिक) मशीन है जो User द्वारा दिए गए Input को प्राप्त करती हैं, उस पर Processing करती हैं, और Processing करने के बाद हमें Output के रूप में डाटा का परिणाम दिखाती हैं”

कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया था  (Who Invented The Computer In Hindi)

कंप्यूटर का आविष्कार सन 1830 में इंग्लैंड के महान वैज्ञानिक Charles Babbage ने बना जिसमे की गुना , भाग , घटाव , के साथ साथ टेक्स्ट भी लिखा जा सकता था  

कंप्यूटर का इतिहास (History of Computer in Hindi)

कम्प्यूटर का इतिहास बहुत ही दिलचस्प है लगभग 3000 साल पूर्व चीन और जापान ने मिलकर ABACUS नामक कंप्यूटर बनाया था इस कंप्यूटर में जोड़ घटाव जैसे गणितीय इकाईयों को हल किया जाता था, फिर धीरे धीरे कंप्यूटर का विकास हुआ और आज कंप्यूटर कें द्वारा हर काम किया जा रहा है, लेकिन आप खुद सोचिए कि दुनिया का पहला कंप्यूटर जिसके द्वारा सिर्फ गुना भाग किया जाता था आज उसी कंप्यूटर के द्वारा सभी काम हो रहें हैं तो आखिर कंप्यूटर का विकाश कैसे हुआ यह जानने के लिए हमें कंप्यूटर के इतिहास के बारे में जानना होगा 

1: प्रथम कंप्यूटर अबेकस (पहला कंप्यूटर ABACUS)

प्रथम कंप्यूटर का नाम ABACUS था. जिसे 3000 साल पूर्व चाइना और जापान ने मिलकर बनाया था. इस कंप्यूटर आंकड़ों की गणना करता था, इस कंप्यूटर का आकार आयाताकार था, और इनके बीच लोहे की छड़ियो में कांच या लकड़ी की गोलियां लगी रहती थी. जिसको ऊपर नीचे कर के गणना का कैलकुलेशन किया जाता था. ABACUS बिजली से चलने वाला प्रथम कंप्यूटर था, यह कंप्यूटर जो उस समय में काम करता था उसी काम को आज के जमाने में कैलकुलेटर करते हैं, इसलिए इसे वैज्ञानिको ने कंप्यूटर की श्रेणी में रखने से माना कर दिया, और यही कारण हैं कंप्यूटर का आविष्कारक चाइना और जापान को नहीं माना जाता हैं, क्योंकि इन्होंने जो ABACUS नाम का कंप्यूटर बनाया था, वो एक कैलकुलेटर की तरह काम करता था,

2: द्वितीय कंप्यूटर पास्कलाइन (Second Computer Pascline) 

प्रथम कंप्यूटर के बाद एक नया कंप्यूटर का निर्माण किया गया जिसका नाम Pascline था, Pascline Computer  का आविष्कार सन 1645 में ब्लेस पास्कल (Blaise Pascal) ने किया था, Pascline में जोड़ घटाव की गणना की जाती थी. 

3: तृतीय कंप्यूटर इम्प्रूव पास्कलाइन(Third Computer Improve Pascline)

तृतीय कंप्यूटर यानी तीसरा कंप्यूटर द्वितीय कंप्यूटर “Pascline” का विकसित रूप था, जिसे सन 1694 में Gottfried Labnized ने विकसित किया था, यह कंप्यूटर का कोई नया आविष्कार नहीं था । बल्कि द्वितीय कंप्यूटर Pascline का विकसित रूप था, 

द्वितीय कंप्यूटर में जोड़ और घटाव कि गणना की जा सकती थी लेकिन इसके विकसित रूप में जोड़ गुना घटाव आदि सब गणना किया जा सकते थे, इसलिए यह कंप्यूटर बहुत लोकप्रिय हुआ

4: एनालिटिकल इंजन (Analytical Engine)

Analytical Engine को कंप्यूटर के पिता Charles Babbage ने सन 1822 में बनाया था, यह दुनिया का पहला ऐसा कंप्यूटर बना जिसमे गुना भाग, घटाव के साथ साथ Text भी लिखा जा सकता था, इससे पहले जो भी कंप्यूटर बने थे उनमें सिर्फ गुना भाग होता था लेकिन Analytical Engine एक ऐसा कंप्यूटर बना जिसमे इन चीजों के अलावा किसी भी प्रकार का Text भी लिखा जा सकता था,

इससे पहले जो कंप्यूटर बने थे वो कलकुलेटर का काम करते थे, जैसे कि आपको पता ही होगा कि कलकुलेटर में ही आज के जमाने में गुना भाग होता है, और Charles Babbage के Analytical Engine से पहले जितने भी कंप्यूटर बने थे एक तरह से देखा जाए तो वे कैलकुलेटर का ही काम करते थे. लेकिन जब Charles Babbage ने अपना कंप्यूटर बनाया तो दुनिया इसे है पहली कंप्यूटर मानने लगी और इसी कारण भले ही Charles Babbage से पहले कुछ लोग कंप्यूटर का निर्माण कर दिए थे लेकिन कंप्यूटर के आविष्कारक चार्ल्स बब्बेज को ही माना जाता हैं, और इन्हे कंप्यूटर का पिता(Father Of Computer) भी कहां जाता है,

चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का आविष्कारक क्यों कहाँ जाता हैं?(Why is Charles Babbage known as the inventor of the computer?)

क्या आप जानते हैं की आखिर चार्ल्स बैबेज को ही Computer का आविष्कारक क्यों कहाँ जाता हैं,  जबकि इनसे पहले चाइना और जापान ने मिलकर ABACUS नाम का कंप्यूटर पहले ही बना दिया था, तो कंप्यूटर के असली आविष्कारक चाइना और जापान होने चाहिए, लेकिन कंप्यूटर के आविष्कारक Charles Babbage को माना जाता है, चलिए इस बात को थोड़ा क्लियरली समझते हैं

कंप्यूटरआविष्कारककार्य
1: ABACUSचीन और जापानजोड़, घटाव
2: Pasclineब्लेज पास्कलजोड़ घटाव, भाग
3: Improve PaGottfried Labnized जोड़, भाग, गुना, घटाव,
4: Analytical EngineCharles Babbageजोड़, घटाव, गुना, भाग, टेक्स्ट

जैसा कि मैंने आपको बताया और आप इस टेबल में देख रहे होंगे की प्रथम कंप्यूटर से लेकर तृतीय कंप्यूटर सिर्फ कैलकुलेटर का ही काम करते थे जैसे गुना भाग इत्यादि लेकिन जब चार्ल्स बाब्बेज ने अपना कंप्यूटर Analytical Engine बनाया तो इस कंप्यूटर में जोड़ घटाव , गुना भाग के अलावा Text भी लिखा जा सकता था. यही कारण है को चार्ल्स बाब्बेज को कंप्यूटर का आविष्कारक कहां जाता है,

कंप्यूटर की संरचना (Basic Structure Of Computer)

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Basic Structure Of Computer

1: इनपुट यूनिट(Input Unit)

कंप्यूटर में इनपुट यूनिट ऐसे यूनिट होते हैं जो यूजर द्वारा दिए गए निर्देशों को कंप्यूटर तक पहुंचाते हैं उदाहरण के लिए कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, इनपुट यूनिट के उदाहरण हैं

2: सीपीयू(CPU)

सीपीयू का फुल फॉर्म सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट होता है CPU को कंप्यूटर का दिमाग(Brain Of Computer) भी कहाँ जाता हैं, CPU में ही RAM, ROM, इत्यादी लगे रहते हैं.

सीपीयू के मुख्य रूप से तीन भाग होते हैं,

  • Memory Unit
  • Control Unit
  • Algorithm & Logic Unit

3: आउटपुट यूनिट (Output Unit)

आउटपुट यूनिट ऐसे यूनिट होते हैं जो कंप्यूटर से डाटा को लेकर बाहर के तरफ आते हैं उदहारण के लिए प्रिंटर एक आउटपुट यूनिट हैं क्योंकि वो कंप्यूटर से डाटा प्राप्त करके बहार के तरफ निकालता हैं.

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कंप्यूटर का उपयोग (Uses Of Computer)

बढ़ते टेक्नोलॉजी के साथ कंप्यूटर का भी उपयोग में वृद्धि हुई हैं आज के समय में आपको कोई भी क्षेत्र नहीं मिलेगा जहाँ कंप्यूटर का USE ना होता हो. आज मनोरंजन की दुनिया से लेकर छोटे बड़े कंपनियों तक कंप्यूटर का उपयोग होता हैं हम निचे कुछ ऐसे क्षेत्र के बारे में बताने जा रहें हैं जिसमे कंप्यूटर का भरपूर उपयोग होता हैं.

1: हॉस्पिटल में कंप्यूटर का उपयोग 

आपने फिल्मो में देखा होगा की जब कोई किरदार हॉस्पिटल में भर्ती होता हैं तो उसके पास में एक मोनिटर होता हैं जिसमे कभी ग्राफ ऊपर जाता हैं तो कभी निचे आता हैं यह भी एक प्रकार का कंप्यूटर ही हैं जिसका इस्तेमाल रोगी के शारीर में बदलाव और अन्य जानकारियाँ जानने के लिए किया जाता हैं, इस कंप्यूटर को Analog Computer भी कहते हैं जो मुख्य रूप से आकड़ा एकत्रित करने का काम करती हैं.

इसके अलावा Hospitals में कंप्यूटर का उपयोग मरीजो का डाटा तैयार करने के लिए, लेन देन का सूचि  तैयार करने के लिए, और मरीजो का रिकॉर्ड बनाने जैसे कार्यो के लिए भी Computer का USE किया जाता हैं, बिना कंप्यूटर के हॉस्पिटल को चलाना आज के ज़माने में नामुमकिन हैं. 

2: स्कूल इंस्टिट्यूट में कंप्यूटर का उपयोग 

जैसा की मैंने आपको ऊपर बताया था की ये जो जमाना हैं वो डिजिटल जमाना हैं इसलिए तो स्कूल इंस्टिट्यूट मभी कंप्यूटर का उपयोग बड़ी मात्रा में हो रहा हैं ,आपने आपने खान सर को एक बोर्ड पर पढ़ाते हुए देखा होगा जो आकार में बहुत बड़ा होता हैं यह भी एक प्रकार का कंप्यूटर होता हैं जिसपर कोई भी टीचर अपने छात्रो को आसानी से पढ़ा सकता हैं इसे डिजिटल बोर्ड भी कहते हैं?

3: पेट्रोल पम्पो में कंप्यूटर का उपयोग 

बहुत सारे लोगो को शायद पता ना हो की पेट्रोल पंप पर भी कंप्यूटर का USE होता हैं. इस बात को थोडा उदहारण के साथ समझते हैं, जैसे आज मैं अपने बाइक को लेकर पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने के लिए गया था वहां पर मैंने पेट्रोल पंप के कर्मचारी से कहाँ की 100 रूपए का पेट्रोल दे दीजिये 

उसने मशीन में 100 रूपए टाइप कर दिए और मेरे बाइक में पेट्रोल भरने लगा अब जैसे ही मेरी गाडी में 100 रूपए का पेट्रोल डल गया तेल आना आटोमेटिक बंद हो गया और मशीन भी बंद हो गया. तो मेरे कहने का तात्पर्य यह हैं की वो मशीन भी एक प्रकार का कंप्यूटर हैं जो यह तय करता हैं की 100 रूपए का पेट्रोल कितना आएगा, और जैसे ही 100 रूपए का पेट्रोल आ जाता हैं कंप्यूटर पेट्रोल को आटोमेटिक रोक देता हैं. इस प्रकार के कंप्यूटर को Hybrid Computer कहते हैं. जो किसी कार्य को पूरा करने के बाद अपने आप रुक जाता हैं.

4: Weather Forcasting में कंप्यूटर का उपयोग 

कंप्यूटर का उपयोग मौसम विभाग (Weather Forcasting) में भी होता हैं कंप्यूटर के द्वारा ही मौसम विभाग के अधिकारी उपग्रह से आ रहे सिग्नलों को प्राप्त कर पाते हैं और दुनिया को बता पाते हैं की कब बारिश होगी और कब धुप निकलेगी 

5: Bank में कंप्यूटर का आकार 

बैंको में कंप्यूटर का सबसे ज्यादा उपयोग होता हैं. आज के जमाने में आपको हर बैंक में  कंप्यूटर मिल जायेगा बैंको में कंप्यूटर का उपयोग मुख्य रूप से नगद निकासी के लिए , नगद जमा के लिए , चेकबुक से पैसे निकालने के लिए इत्यादी जैसे कार्यो में किया जाता हैं 

6: Mall और Supermarket में कंप्यूटर का उपयोग 

अगर आप कभी मॉल या सुपर मार्किट में शोपिंग करने गए हैं तो आपने देखा होगा कि समान खरीदने के बाद उसे जब काउंटर पर ले जाया जाता है. तो वहां कार्यत कर्मचारी प्रोडक्ट को स्कैनर के सामने स्कैन करता है, और फिर एक बिल तैयार करता है अगर कोई आदमी बिना कंप्यूटर के किसी प्रोडक्ट बिल तैयार करने लगे. तो उसमे लंबा समय लग जाएगा लेकिन कंप्यूटर के मदद से यह काम थोड़े ही समय में हो जाता है.

7: ऑफिस में कंप्यूटर का उपयोग

ऑफिस कंप्यूटर के बिना अधूरा हैं. ऑफिस में कंप्यूटर के द्वारा ईमेल , डिजाइन, लोगो, डाटा, सैलरी शीट, प्रोजेक्ट इत्यादि बनाया जाता है, अगर आपके पापा या कोई रिश्तेदार ऑफिस में काम करते होंगे तो आप उनसे पूछना कि क्या आपके ऑफिस में कंप्यूटर हैं और अगर है भी तो कंप्यूटर का ऑफिस में क्या उपयोग होता है वो आपको अच्छी तरह से समझा देंगे कि ऑफिस में कंप्यूटर का उपयोग किस किस काम में किया जाता है

8: टोल टैक्स पर कंप्यूटर का उपयोग

क्या आपने कभी सोचा है जो गाड़ियों होती हैं उनका वजन कैसे नापा जाता है और कैसे टोल टैक्स वाले  पता कर लेते हैं को गाड़ी ओवरलोड हैं जबकि वो गाड़ी के वजन को नापते भी नहीं चलिए इस बात को थोड़ा क्लीयर समझते हैं

जब कोई भी गाड़ी टोल टैक्स पर खड़ी होती है तो उस गाड़ी के ठीक नीचे सड़कों में स्कैनर लगा होता है. जो किसी भी तरह का वजन माप लेता है फिर टोल टैक्स के अधिकारी के पास भेज देता है, और ऐसे ही टोल टैक्स पर कंप्यूटर का इस्तेमाल हो रहा है

9: सैटलाइट में कंप्यूटर का उपयोग

हमारे धरती के परिक्रमा कर रहे कृत्रिम उमग्रह में भी कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता हैं, कंप्यूटर के माध्यम से कोई भी सैटलाइट किसी भी प्रकार के सिग्नल को प्राप्त करता और वापस भेजता हैं,

आपके घर में D2H जरूर लगा होगा आपने देखा होगा कि इसे चलाने के लिए एक छतरीनुमा आकार का चीज छतो पर लगाया जाता है, ये छतरी धरती की परिक्रमा कर रहे सेटलाइट से सिग्नल रिसीव करता हैं,

होता यह है कि धरती पर से सेटलाइट में टीवी प्रोग्राम का सिग्नल भेजा जाता है फिर सेटलाइट से सिग्नल को हमारे छत पर लगे छतरी में भेजता हैं, और यह पूरा प्रक्रिया कंप्यूटर के हिं द्वारा किया जाता है,

10: पर्सनल काम के लिए कंप्यूटर का उपयोग 

हम अपने घर पर भी कंप्यूटर का उपयोग पढ़ाई, गेम, मनोरंजन, चैटिंग, वीडियो कॉल जैसे कामों के लिए करते हैं, आज अधिकांश घर में आपको कम्प्यूटर मिल जाएगा. बहुत सारे लोग जो ऑफिस में काम करते हैं उनके घर पर भी एक कंप्यूटर होता है. इस कंप्यूटर पर वो ऑफिस का बचा बचाया हुआ काम करते हैं, 

कंप्यूटर की पीढ़ियां (Generation Of Computer In Hindi)

पिछले 70 सालो में कंप्यूटर को पांच चरणो में बांटा गया है, और इस प्रतेक्य चरण को कंप्यूटर का पीढ़ी(Generation Of Computer) कहते हैं,

शुरूआती समय में जो कंप्यूटर बने थे उनका वजन और आकार बहुत बड़ा था, शुरुआती जेनरेशन के जो कंप्यूटर थे उनका आकार इतना बड़ा था कि उनको सेटअप करने के 20*40 स्क्वायर फीट के कमरे की जरूरत पड़ता था,

फिर धीरे धीरे इनका आकार और वजन घटता गया. और आज के समय में वही कंप्यूटर इतने छोटे और हल्के हो गए हैं, जिसको कहीं पर भी ले जाया जा सकता है कंप्यूटर के इसी विकाश को कंप्यूटर के पीढ़ी के नाम से जानते हैं,

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ComputerTime
First Generation1942 To 1955
Second1956 To 1963
Third1964 To 1971
Fourth1971 To 1980
Fifth1980 To अभी तक

पिछले 70 सालो में कंप्यूटर के पीढ़ियों को पांच चरण में बाटा गया है जो इस प्रकार हैं

प्रथम पीढ़ी (1942 से 1955)

1942 से 1955 तक जो भी कंप्यूटर विकसित हुए उनको  कम्प्यूटर के प्रथम पीढ़ी में रखा गया है इस पीढ़ी में कंप्यूटर “Vaccum Tubes” से बने होते थे, और 20*40 Sqr Feet के कमरे में फिट हो पाते थे

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर 18000 Vaccum Tubes, और 3 लाख टन वायर से मिल कर बनते थे जो काफी वजनदार थे और इनको एक जगह से दूसरे जगह तक ले जाना बहुत मुश्किल था 

प्रथम पीढ़ी में केवल तीन कंप्यूटर का आविष्कार हुआ जो इस प्रकार हैं

  • ENIAC.  Electronic Numerical Integrator And Calculator
  • EDVAC. Electronic Discorate Variable Automatic Computer
  • UNIV. AC. Universal Automatic Computer

दूसरी पीढ़ी (1956 से 1963)

सन 1956 से लेकर 1963 के बीच जो भी कंप्यूटर विकसित हुए उनको कंप्यूटर के दुसरे पीढ़ी में रखा गया हैं, इस पीढ़ी में कंप्यूटर “Transister Technology” से बने थे इन कंप्यूटरों का आकार प्रथम पीढ़ी वाले कंप्यूटर के मुकाबले बहुत छोटा था. और इनकी क्षमता भी प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर के मुकाबले कई गुना ज्यादा थी| 


तीसरी पीढ़ी (1964 से 1971)

Computer के इस Generation में “Transister Technology” को बदलकर “IC Technology” कर दिया गया. Ic सिलिकॉन से बना एक छोटा Components होता हैं, पहले और दुसरे पीढ़ी के कंप्यूटर में जहाँ कई वायर लगे होते थे वही तीसरे पीढ़ी में इनके बदले में सिर्फ एक IC लगा दिया जाता था 

इसी कारण तीसरे पीढ़ी के कंप्यूटर को एक जगह से दुसरे जगह तक ले जाना काफी हद तक आसान हो गया और इस पीढ़ी के कंप्यूटर की क्षमता पहले और दुसरे पीढ़ी के अपेक्षा काफी हद तक बढ़ गया था 

चौथी पीढ़ी (1971 से 1980)

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर “Microprocessor” के द्वारा बने थे, चौथी पीढ़ी के Computer काफी हलके होते थे, इनको एक जगह से दुसरे जगह तक आसानी से लेकर जाया जा सकता था, इस पीढ़ी के कंप्यूटर बजट कंप्यूटर था. जिसको हर कोई आसानी से खरीद सकता था 

पाँचवी पीढ़ी (1980 से अब तक )

1980 से अब तक के बीच जितने भी कंप्यूटर का अविष्कार हुआ, उनको कंप्यूटर के पाँचवी पीढ़ी में रखा गया हैं अभी वर्तमान में  इस पीढ़ी के कंप्यूटर ULSI (Ultra Large Scale Integration) और VLSI (Very Large Scale Integration) के बने हैं अभी वर्तमान में हम कंप्यूटर के पाँचवी पीढ़ी के कंप्यूटर का उपयोग कर रहे हैं  

कंप्यूटर के प्रकार(types of computer in hindi) 

1: Analog Computer

Analog Computer वो कंप्यूटर होते हैं जिसके द्वारा तापमान, दाब, गति, लम्बाई, चौड़ाई जैसे भौतिक इकाइयों को मापा जाता हैं, एनालॉग कंप्यूटर का इस्तेमाल मुख्य रूप से अस्पताल और इंजीनियरिंग के क्षेत्रो में होता हैं, हॉस्पिटल में इस कंप्यूटर का इस्तेमाल मरीज का रक्त चाप, तापमान आदि मापने के लिए किया जाता हैं, 

2: Digital Computer

Digital Computer ऐसे कंप्यूटर होते हैं, जो बाइनरी भाषा यानि o और 1 पर काम करते हैं इस कंप्यूटर को डिजिटल कंप्यूटर भी कहाँ जाता हैं, डिजिटल कंप्यूटर में सबसे पहले यूजर डाटा को इनपुट करता हैं फिर Digital Computer उन डाटा पर Processing कर करके  हमें आउटपुट के रूप में परिणाम दिखाता हैं. Digital Computer का इस्तेमाल मुख्य रूप से School, Institutes, में होता हैं.

3: Hybrid Computer

Hybrid Computer एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल कंप्यूटर से मिलकर बने होते हैं हाइब्रिड कंप्यूटर ऐसे कंप्यूटर होते हैं जो Analog Computer और Digital Computer का काम अकेले करने का क्षमता रखते हैं Hybrid कंप्यूटर जा इस्तेमाल पेट्रोल पंप पर किया जाता हैं,


4: Super Computer

Super Computer ऐसे कंप्यूटर होते हैं जो अपना काम सुद्ध और तेजी से करते हैं यह  सामान्य कंप्यूटर के अपेक्षा जल्दी काम करते हैं सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल मुख्य रूप से Weather Forcasting के लिए किया जाता हैं, यह कंप्यूटर सामान्य कंप्यूटर के अपेक्षा आकार और क्षमता में बहुत बड़े होते हैं.

5: Mainframe Computer

Mainframe Computer आकार में बहुत बड़े होते हैं मेनफ़्रेम कंप्यूटर का इस्तेमाल बड़े बड़े कंपनियों में भुगतान का ब्यौरा रखने के लिए, खरीदारी का ब्यौरा रखने के लिए, डेटा तैयार करने के लिए इत्यादी जैसे कामो के लिए किया जाता हैं 


6: Mini Computer

Mini Computer का इस्तेमाल मुख्य रूप से छोटे कंपनीयो में किया जाता हैं Mini Computer तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर हैं कंपनियों के अलावा मिनी कंप्यूटर का इस्तेमाल लोग अपने निजी कामो को करने के लिए करते हैं,

7: Micro Computer

Micro Computer का आकर बहुत छोटा होता हैं जिसमे Microprocessor के रूप में CPU लगा होता हैं, माइक्रो कंप्यूटर का इस्तेमाल Personal Computer यानि की PC के रूप में किया जाता हैं इस कंप्यूटर अधिकांस पर्सनल कंप्यूटर के रूप में USE किया जाता हैं,

यह भी पढ़े 

  1. सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने
  2. कंप्यूटर एक्सपर्ट कैसे बने 

Micro Computer तीन प्रकार के होते हैं.

1: Desktop Computer

Desktop Computer माइक्रो कंप्यूटर का एक प्रकार हैं, यह एक प्रकार का Personal Computer होता हैं जो आपके Desk पर अच्छी तरह से फिट होता हैं इसलिए इसे Desktop Computer के नाम से जानते हैं डेस्कटॉप कंप्यूटर में बहुत सारे components जैसे मोनिटर, कीबोर्ड, माउस, इत्यादी लगे रहते हैं 

2: Laptop Computer

Laptop एक प्रकार का Micro Computer हैं जो आकार और वजन में डेस्कटॉप कंप्यूटर के मुकाबले छोटा होता हैं, यह बैटरी से चलने वाला कंप्यूटर होता हैं जिसे चार्ज करके कही भी लेकर जा सकते हैं|

3: Plamtop Computer 

Plamtop Computer micro Computer का एक प्रकार हैं यह कंप्यूटर हथेली पर आसानी से फिट हो जाता है, Tablet इस कंप्यूटर का मुख्य उदहारण हैं

हार्डवेयर क्या है (What Is Hardware In Hindi)

इसका सीधा सीधा जवाब हैं की कंप्यूटर का वह भाग जिसे हम छू(Touch)और देख सकते हैं उसे हार्डवेयर के नाम से जानते हैं, हार्डवेयर में कंप्यूटर के Mechanical Parts, Electronic Parts और मैगनेटिक पार्ट्स जैसे मॉनिटर, माउस, कीबोर्ड, सीपीयू इत्यादि आते हैं|

हार्डवेयर तीन प्रकार के होते हैं

  • Input Device
  • Output Device
  • Storage Device

Input Device क्या हैं?

जिस device द्वारा कोई यूजर (व्यक्ति) अपने दिशानिर्देश को कंप्यूटर तक पहुंचाता है उसे कंप्यूटर का input Device कहते हैं, Input Device के द्वारा ही कोई व्यक्ति कंप्यूटर को कंट्रोल करता है इनपुट डिवाइस के मुख्य उदहारण कीबोर्ड, माउस, वेबकेम इत्यादि हैं

Input Device क्या हैं?

इनपुट डिवाइस के नाम

  1. कीबोर्ड(Keyboard)
  2. माउस(Mouse)
  3. स्कैनर (Scanner)
  4. फ्लैटबेड(Flatbed)
  5. माइक(MIC)
  6. टचस्क्रीन(Touch Screen)
  7. वेबकैम(Webcam)
  8. जॉय स्टिक(Joy Stick)
  9. Micr(Micr)
  10. ओएमआर रीडर(OMR Reader)

Output Device क्या हैं?

आउटपुट डिवाइस (Output Device) वैसे डिवाइस होते हैं जो कंप्यूटर द्वारा दिए गए डाटा को बहार के तरफ निकालते हैं जिससे यूजर उस डाटा को आसानी से समझ लेता हैं, मोनिटर, प्रिंटर, स्पीकर, आउटपुट डिवाइस के मुख्य उदहारण हैं.

Output Device क्या हैं?

आउटपुट डिवाइस के नाम 

  1. मोनिटर (Moniter)
  2. प्रिंटर (Printer)
  3. प्लॉटर (Plotter)
  4. स्पीकर (Speaker)
  5. साउंड कार्ड (Sound Card)
  6. प्रोजेक्टर (Projector)
  7. मल्टीमीडिया (Multimedia)
  8. हैडफ़ोन (Headphones)

Storage Device क्या हैं?

Storage Device उस डिवाइस को कहते हैं जो उपकरणों में चल रहे डाटा को स्टोर करने का काम करता हैं, स्टोरेज डिवाइस के दो प्रकार होते हैं जो इस प्रकार हैं.

  • Primary Memory
  • Secondary Memory

Primary Memory क्या है?

Primary Memory उस मेमोरी को कहते हैं जो कंप्यूटर में उपस्थित प्रोग्राम या एप्लीकेशन का डाटा स्टोर करती हैं. प्राइमरी मेमोरी दे प्रकार के होते हैं Ram तथा Rom

  • Ram : Random Access Memory
  • Rom : Read Only Memory

Secondary Memory क्या हैं?

Secondary Memory वो मेमोरी होती हैं जो पर्सनल डाटा, कंप्यूटर डाटा, इत्यादी को सेव करती हैं Secondary Memory का इस्तेमाल कंप्यूटर के Additional Data को Save करने के लिए किया जाता हैं, Floppy Disk, Hard Disk, CD इत्यादी सेकेंडरी मेमोरी के मुख्य उदहारण हैं|

Software क्या हैं?

कंप्यूटर का वह भाग जिसे हम छू नहीं सकते केवल देख सकते हैं उसे हम Software कहते हैं जैसे Ms Office, PowerPoint, Excel Etc

सॉफ़्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं

सॉफ़्टवेयर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं पहला सिस्टम सॉफ़्टवेयर और दूसरा एप्लीकेशन सॉफ़्टवेयर 

1: सिस्टम सॉफ्टवेयर क्या हैं?

System Software ऐसे सॉफ़्टवेयर होते हैं जिनके सहायता से कंप्यूटर के विभिन्न हार्डवेयर अंगो को नियंत्रित किया जाता हैं सिस्टम सॉफ़्टवेयर के द्वारा है कंप्यूटर यूजर के दिशनिर्देशों का पालन करता हैं Window और UNIX, Dow इत्यादि सिस्टम सॉफ़्टवेयर के मुख्य उदहारण हैं,

2: एप्लीकेशन सॉफ़्टवेयर क्या हैं?

एप्लीकेशन सॉफ़्टवेयर ऐसे सॉफ़्टवेयर होते हैं जो यूजर के द्वारा इनपुट किए गए डाटा को edit, Modify, Save, इत्यादि करने की अनुमति देते हैं ms. Excel, PowerPoint, Photoshop इत्यादि एप्लीकेशन सॉफ़्टवेयर के मुख्य उदहारण (Example) हैं |

Humanware क्या हैं?

जो कंप्यूटर को चलाता हैं या कंप्यूटर का Use करता हैं उस Humanware कहते हैं|

कंप्यूटर कैसे काम करता है( How Does Computer Works In Hindi)

कोई भी कंप्यूटर तीन चरण पर काम करता है पहला इनपुट प्राप्त करना, दूसरा उसपर प्रोसेसिंग करना और तीसरा आउटपुट के रूप में रिजल्ट प्रदान करना 

एक कंप्यूटर किसी इनपुट किए गए डाटा का परिणाम दिखाने के लिए निम्न प्रकार से काम करता है,

  • इनपुट को स्वीकार करना (Accepting The Input)
  • इनपुट किए गए डाटा पर प्रोसेसिंग करना (processing the input)
  • आउटपुट प्रदान करना (presenting the output)
  • आउटपुट को स्टोर करना (storing the output)

1: इनपुट को स्वीकार करना (Accepting The Input)

किसी भी कंप्यूटर का पहला काम होता है यूजर द्वारा इनपुट किया गया डाटा को स्वीकार करना, जैसे अगर कोई कीबोर्ड से 2+2 करता हैं तो सबसे पहले कंप्यूटर को इस इनपुट को Accept करेगा ताकि इस इनपुट पर वो प्रोसेसिंग कर सके

2: इनपुट किए गए डाटा पर प्रोसेसिंग करना (processing the input)

इनपुट किए गए डाटा पर प्रोसेसिंग करना कंप्यूटर का दूसरा काम होता है, जैसे मैंने इनपुट में 2+2 किया तो कंप्यूटर इस इनपुट पर प्रोसेसिंग करेगा कि आखिरकार इसका रिजल्ट क्या होगा

3: आउटपुट प्रदान करना (presenting the output)

कंप्यूटर की तीसरा काम हैं आउटपुट प्रदान करना जैसे कि मैंने कंप्यूटर में 2+2 को इनपुट किया था तो अब कंप्यूटर इस पर प्रोसेसिंग करके हमे रिजल्ट के तौर पर 4 दिखाएगा

4: आउटपुट को स्टोर करना (storing the output)

कंप्यूटर का चौथा और आखिरी काम हैं आउटपुट को स्टोर करना जैसे हमने उदहारण में 2+2 को इनपुट किया था जिसका हमे आउटपुट 4 मिला था, तो अब कंप्यूटर का चौथा काम यह होगा कि वो 4 को सेव करें ताकि भविष्य में हम कभी भी इस आउटपुट को आसानी से देख सके

कंप्यूटर कैसे चालू करें

किसी भी कंप्यूटर को चालू करने के लिए ये तरीका अपनाएं

1: UPS में बिजली दे

किसी भी कंप्यूटर की सुरक्षा के लिए बिजली को कंप्यूटर में डायरेक्ट ना देकर यूपीएस के माध्यम से दिया जाता हैं, अगर आप बिना यूपीएस के अपना कंप्यूटर चला रहे हैं तो लाइट चले जाने पर आपका कंप्यूटर बंद हो जाएगा और इस प्रकार आपका कंप्यूटर खराब भी हों सकता है,

तो कंप्यूटर चालू करने का पहला कदम हैं को यूपीएस में बिजली दे आपके ups से एक वायर निकला होता हैं जिसे आपको बोर्ड में लगाना होता है

2: यूपीएस को चालू करें

यूपीएस में बिजली देने के बाद आपको अपना UPS चालू करना होगा आपके यूपीएस के आगे के तरफ एक बटन मिलता हैं आप उस बटन को कुछ देर तक दबाए रखे इससे आपका यूपीएस चालू हो जाएगा, ups जैसे ही चालू होता है वैसे ही यूपीएस में से बीप कि आवाज निकलती हैं

3: CPU को चालू करें

कंप्यूटर चालू करने का तीसरा कदम हैं सीपीयू को चालू करना सीपीयू को चालू करने के लिए आपके सीपीयू के आगे वाले हिस्से में एक बटन मिल जाता हैं, आप इस बटन को कुछ देर तक दबाए रखे आपका सीपीयू चालू हो जाएगा

4: मॉनिटर को चालू करें

कंप्यूटर चालू करने का चौथा और आखिरी कदम हैं मॉनिटर को चालू करना मॉनिटर को चालू करने के लिए आपको मॉनिटर के Switch On Off  वाले बटन को दबाना होगा इससे आपका मॉनिटर ऑन हो जाएगा

और इस प्रकार सारे उपकरण चालू करने के बाद आपका कंप्यूटर चालू हो जाएगा और इस प्रकार आप अपने कंप्यूटर को चालू कर सकते हैं,

कंप्यूटर को बंद कैसे करे

कंप्यूटर के लाभ (Computer Benifits In Hindi)

कंप्यूटर के बहुत सारे लाभ हैं जिसके बारे में हम नीचे चर्चा करने जा रहे हैं

1: घंटो का काम मिनटों में

जी आपने सही सुना कंप्यूटर आने से हमारा घंटो का काम मिनटों में हो जाता है अब इस बात का में सटीक उदाहरण देने जा रहा हूं, जब पुराने समय में कंप्यूटर का सिस्टम नहीं था तब अगर किसी को पत्र लिखना होता था और पत्र लिखने के बाद उसे डाकिया द्वारा भेजना होता था,

लेकिन इस प्रक्रिया में बहुत ज्यादा समय लग जाता था वहीं जब कंप्यूटर आया तो हम उसी पत्र में लिखे गए अछर को ईमेल के माध्यम से टाइप करके सेकेंड में किसी भी व्यक्ति के पास भेज सकते हैं,

2: हर काम ऑनलाइन

पहले के समय में अगर किसी को कोई कानूनी दस्तावेज बनवाना होता था तो उस समय में ऑफलाइन सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाना पड़ता था

इस प्रक्रिया में बहुत ज्यादा समय लगता था और जब बात की जाए सरकारी काम की तो वो शायद आप जानते ही होंगे कि भारत में सरकारी काम कितना जल्दी होता हैं, लेकिन कंप्यूटर के आने से आज लगभग हर काम ऑनलाइन हो गया है जैसे पुराने जमाने में आपको अपना पहचान पत्र बनाने के लिए BLO के पीछे दौड़ना होता था, लेकिन आज के समय में वहीं काम आप अपने कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से 5 मिनट में कर सकते हैं|

3: कंप्यूटर के सहारे घर बैठे पढ़ाई

वो जमाना शायद जाने वाला है जब बच्चे स्कूल जाकर पढ़ेंगे क्योंकि इसका कुछ नमूना अभी के समय में दिखाई पड़ रहा है आज के समय में लगभग 50% स्टूडेंट घर बैठे कंप्यूटर, लैपटॉप, या अपने मोबाइल फोन से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं

इससे सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि उन्हें कहीं जाना नहीं पड़ता वो घर बैठे ही आसानी से अपना पढ़ाई लिखाई कर लेते हैं

4: हर डाटा का सुद्ध परिणाम

आप मानो या ना मानो पर जब इंसान किसी डाटा का गुना भाग करके परिणाम निकालते हैं तो इसमें बहुत ज्यादा समय तो लगता ही है साथ में डाटा का परिणाम गलत भी हो सकता है जैसे इंसान अगर 14 का गुना 2 में करे तो हो सकता है कि परिणाम 28 की जगह 30 या इससे ज्यादा भी आ जाए

लेकिन जब आप कंप्यूटर में 14 का गुना 2 में करेंगे तो कंप्यूटर इसकी बिल्कुल सही जानकारी देगा

5: आसानी से फाइल ट्रांसफर  

पुराने समय में अगर किसी को कोई गुप्त जानकारी या कोई फाइल शेयर करनी होती थी तो इसके लिए उनके पास कोई विकल्प नहीं था, लेकिन आज के समय कंप्यूटर के द्वारा आज कैसी भी फाइल थोड़े समय में ट्रांसफर हो जाती हैं

6: परिक्षमी

कंप्यूटर बहुत ही परीक्षमी होता हैं अगर हम इंसान कोई काम करते हैं तो थोड़ी देर का बाद या तो हम थक जाते हैं या हम बोर हो जाते हैं लेकिन कंप्यूटर ऐसा नहीं करता 

आप कंप्यूटर से 24 घंटे काम करवाइए फिर भी कंप्यूटर नहीं थकेगा वो आपके दिशनिर्देशों का पालन करेगा 

कंप्यूटर के हानि(Computer Benifits In Hindi)

किसी भी चीज के मुख्य दो पहलू होते हैं बुरा या अच्छा हम कंप्यूटर के लाभ के बारे में जान चुके हैं अब हम कंप्यूटर के हानियों को समझते हैं,

1: मानव पर निर्भर

अभी वर्तमान में जितने भी कंप्यूटर हैं वो सब मानव पर निर्भर हालांकि यह कोई विशेष बुराई नहीं हैं, अगर मानव कंप्यूटर को ना चलाए तो कंप्यूटर अपने आप को स्वयं नहीं चला सकते लेकिन मुझे लगता है कि 2050 तक सभी कंप्यूटर अपने फैसले स्वयं ले पाएंगे,

जिसका शुरूवात भी हो गया है आपने गूगल असिस्टेंट का नाम तो जरूर सुना होगा जो कि एक प्रकार का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हैं यह भी एक प्रकार कंप्यूटर ही हैं जो स्वयं तय करती हैं कि किस तरह लोगो के सवाल का सही उत्तर देना हैं

2: बेरोजगारी

कंप्यूटर के कारण हामारे युवा पीढ़ी पर बहुत ही बुरा असर पड़ा है, क्योंकि जो काम को करने के लिए 10 आदमी की जरूरत पड़ती थी कंप्यूटर उस काम को अकेले ही कर ले रहा है, बेरोजगारी कंप्यूटर के कारण उत्पन्न होने वाली बहुत बुरी समस्या हैं. जिसका अगर सही समय पर निवारण ना किया जाए तो लोग जिंदगी जीना छोड़ देंगे

अगर आप पुराने जमाने के आदमी हो तो आप मेरी इस बात से पूरी तरह से सहमत होंगे क्योंकि आपने वो दुनिया देखा होगा जब कंप्यूटर का विकाश नहीं हुआ था उस समय में आसानी से नौकरी मिल जाता था. जिसका कारण यह था, कि उस जमाने में कंप्यूटर उतना विकसित नहीं था, और जो कंप्यूटर विकसित भी थे वे बहुत महंगे थे जिसको खरीदना आम आदमी की वश की बात नहीं थी

3: बच्चो का खराब आदत

किसी ने क्या खूब कहां हैं कि अगर किसी चीज को हद से ज्यादा इस्तेमाल करोगे तो चाहे वो चीज कितना भी अच्छा क्यों ना हो आपके लिए ये बुरा हो जाएगा, जिसका exaple आज के समय में दिखने को मिल रहा है

कंप्यूटर से होने वाली हानियों में एक हानि यह भी है कि अगर कोई बच्चा/लड़का हद से ज्यादा कंप्यूटर का इस्तेमाल करता है तो उसकी आंखे खराब हो जाती हैं साथ ही वो कभी कभी 18+ वेबसाइट पर चले जाते हैं जिसके कारण से उनकी आदत खराब हो जाती हैं और उनको खराब लत लग जाती हैं

4: जिंदगी बरबाद होने का खतरा

इस शब्द का यूज मैंने इस लिए किया क्योंकि मैंने कंप्यूटर के कारण कितने आदमी का  जिंदगी बरबाद होते देखा है आपने डार्क वेब का नाम तो जरूर सुना होगा अगर आप डार्क वेब के बारे में नहीं जानते तो हम आपको बता दे डार्क वेब उस दुनिया का नाम हैं जहां पर सारे गैरकानूनी काम किए जाते हैं जैसे – ड्रग्स बेचना या खरीदना, मर्डर का सुपारी लेना, लाइव रेप करना, खतरनाक हथियारों की तस्करी करना इत्यादि 

ऐसे में अगर आप एक बार भी डार्क वेब की दुनिया में चले गए और वहां गलती से भी फस गए तो आपका जिंदगी बरबाद हो सकता है जब आप डार्क वेब में प्रवेश करेंगे तो आपकी  और आपके कंप्यूटर की पूरी जानकारी जैसे आपकी लोकेशन, भाषा, आईडी, कंप्यूटर में मौजूद पर्सनल फाइल डार्क वेब की दुनिया में चले जाते हैं,

फिर अगर डार्क वेब के लोगो को आपके एरिया में कोई गैरकानूनी काम करवाना होगा तो वो आपसे कॉन्टेक्ट करते हैं और अगर आप माना कर देते हैं तो आपके पर्सनल फोटो को वायरल और आपका जान मारने कि धमकी देते हैं, फिर आपका हेल्प कोई नहीं कर सकता क्योंकि डार्क वेब की दुनिया के बारे में सब लोग जानते हैं लेकिन किसी भी देश या संस्था का इस पर नियंत्रण नहीं है

इसलिए अगर आप एक कंप्यूटर यूजर है तो आपको इन सब बातो को ध्यान देना चाहिए लेकिन अगर आप इंटरनेट चलाने के लिए क्रोम, मोज़िला, जैसे वेब ब्राउज़र का इस्तेमाल करते हैं तो आपको चिंता लेने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि आप इन वेब ब्राउज़र के द्वारा  आप चाहकर भी Dark Web में प्रवेश नहीं कर सकते 

5: धोखा धड़ी 

पुराने जमाने में जब कंप्यूटर नहीं था तो काम धोखाधड़ी होता था लेकिन आज के जमाने में सिर्फ कंप्यूटर के कारण यह जुर्म बहुत बढ़ गया है 

आजकल इंटरनेट पर आपको ऐसे हजारों डेटिंग वेबसाइट मिल जाएंगे जिसमें लड़के लड़कियां आपस में बात करते हैं और अगर वो एक दूसरे को पसंद करने लगते हैं तो वे शादी कर लेते हैं 

लेकिन ये सब वेबसाइट धोखाधड़ी के लिए बनाए गए हैं हालांकि इनमें से कुछ वेबसाइट सही है लेकिन इनमें से अधिकतम वेबसाइट फेक हैं जो आपका पर्सनल जानकारी लेकर आपको ब्लैकमैल करते हैं इसलिए अगर आप कंप्यूटर का यूज करते हो और आप डेटिंग वेबसाइट पर जाकर अपनी रानी ढूंढ़ रहे हैं तो जरा संभल के क्योंकि रानी मिले या ना मिले आपका दिवाला जरूर निकल जाएगा 

6:पक्षियों का नुकसान

आप सोच रहे होंगे कि कंप्यूटर से आसमान में उड़ने वाले पक्षियों का नुकसान किस तरह से होता है तो आपको हम बता दे कि आज के समय में अधिकतर कंप्यूटर इंटरनेट से जुड़ कर चलते हैं, ऐसे में इंटरनेट कि गति को तेज करने के लिए टेलीकॉम कंपनी को Radiation बढ़ाना पड़ता है और रेडियेसन बढ़ने से पक्षियों के दिमाग पर बहुत बुरा असर पड़ता है जिसके कारण कभी कभी उनको अपने जान से हाथ धोना पड़ता है

अगर आपको रजनीकांत सर की 2.0 मूवी देखी होगी तो मेरी इस बात से पूरी तरह से सहमत होंगे, अगर कंप्यूटर इंटरनेट का प्रयोग कम करेंगे तो इंटरनेट को स्पीड बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी जिससे रेडियेसन कंट्रोल में रहेगा और आसमान में उड़ने वाले पक्षी भी जीवित रहेंगे 

7: साइबर अटैक का खतरा

साइबर अटैक का मतलब किसी के भी कंप्यूटर में उसके अनुमति के बिना छेड़छाड़ करना, डाटा चुराना, वायरस डालना इत्यादि, किसी भी संस्था को अच्छी तरह से चलाने के लिए कंप्यूटर का अहम रोल होता है लेकिन कभी कभी हैकर या दूसरे लोग कंप्यूटर पर अटैक कर देते हैं और सारे डाटा को या तो चुरा लेते हैं या करप्ट कर देते हैं ऐसे में उस संस्था को हर रूप से बहुत नुकसान उठाना पड़ता है

कंप्यूटर के जरूरी पार्ट्स (important parts of computer)

कंप्यूटर के ऐसे बहुत जरूरी पार्ट्स हैं जिसके बिना कंप्यूटर नहीं चल सकता, तो चलिए हम कंप्यूटर के जरूरी पार्ट्स के बारे में जान लेते हैं,

1: Motherboard

Motherboard  कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण और सबसे जरूरी पार्ट्स हैं मदरबोर्ड में इनपुट और आउटपुट के सभी कंपोनेंट्स जुड़े रहते हैं, Motherboard में ही रोम, रैम, सीपीयू, इत्यादि लगे रहते हैं, 

2: Processor(CPU)

कंप्यूटर में Processor CPU कों कहते हैं यह मदरबोर्ड में लगा कंप्यूटर का सबसे जरूरी पार्ट्स में से एक हैं, सीपीयू को कंप्यूटर का दिमाग भी कहां जाता है क्योंकि सीपीयू कंप्यूटर के सभी इनपुट, और आउटपुट इकाईयों को कंट्रोल करता है,

3:Power Supply (SMPS)

SMPS का फूल फॉर्म “Switch Mode Power Supply” होता है, यह कंप्यूटर के विभिन्न अंगों जैसे रैम, सीपीयू , motherboard, इत्यादि को electricity देता है, कंप्यूटर के कार्यक्षमता के अनुसार SMPS अलग अलग Volt के आते हैं, 

4: Ram

Ram का फूल फॉर्म “Random Access Memory” होता है जिसका काम कंप्यूटर में उपस्थित डाटा का स्टोर करना होता है,

5: Keyboard

Keyboard एक इनपुट डिवाइस है कीबोर्ड के द्वारा यूजर प्रोग्राम एवं डाटा को कंप्यूटर में Enter करता है, Keyboard में Alphabet Key, Function Key, Arrow Key इत्यादि होती है, कीबोर्ड के द्वारा ही कोई कंप्यूटर यूजर कंप्यूटर में कुछ लिख पाता है,

  1. Standard Keyword
  2. Enhanced Keyword

6: Mouse

Mouse एक इनपुट डिवाइस है कंप्यूटर में माउस का उपयोग किसी फाइल को खोलने, ड्राय ग्राम बनाने, फाइल को चुनने, स्केचेज बनाने इत्यादि के लिए किया जाता है बिना माउस के कंप्यूटर बिल्कुल बेजान हैं, माउस मुख्यत दो प्रकार के होते हैं 

  1. ट्रैकबॉल माउस
  2. ऑप्टिकल माउस

7: Monitor

मॉनिटर एक आउटपुट डिवाइस है जो कंप्यूटर के किसी भी प्रोग्राम, एप्लीकेशन को देखने लायक बनाता हैं. मॉनिटर मुख्यत दो प्रकार के होते हैं

  1. CRT- Cathode Ray Tube
  2. LCD – Liquid Crystal Display

8: Printer

Printer एक आउटपुट डिवाइस है जिसका इस्तेमाल किसी दस्तावेज को प्रिंट करने के लिए किया जाता है. प्रिंटर मुख्यत तीन प्रकार के होते हैं,

  1. Impact Printer
  2. Non-Impact Printer

9: Speaker

Speaker  एक आउटपुट डिवाइस है यह कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण अंग हैं. स्पीकर का उपयोग कंप्यूटर आ रहे ध्वनियों को सुनने के लिए किया जाता है,

10: UPS

यूपीएस कंप्यूटर का महत्वपूर्ण पार्ट्स हैं जो कंप्यूटर को सामान्य धारा में electricity प्रदान करता है. कभी कभी कंप्यूटर चलाते समय आचानक लाइट चला जाता है उस कंप्यूटर यूपीएस कंप्यूटर को बिजली प्रदान करता है

कंप्यूटर का उपयोग हम लोग क्यों करते हैं?

कंप्यूटर का उपयोग हम अपने दैनिक जीवन को आसान बनाने के लिए करते हैं जैसे कंप्यूटर के सहारे हम घर बैठे बिजली बिल, पानी बिल, गैस बिल, D2H Bill, इत्यादि घर बैठे भर सकते हैं,

माउस कंप्यूटर में क्या काम करते हैं बताइए?

माउस कंप्यूटर में फाइल को खोलने, ड्राय ग्राम बनाने, फाइल को चुनने, स्केचेज बनाने इत्यादि का काम करते हैं!

कंप्यूटर में पासवर्ड क्या करता है?

कंप्यूटर पासवर्ड किसी भी कंप्यूटर फाइल जो सुरक्षित करता है एक बार कंप्यूटर में पासवर्ड लगाने के बाद बिना पासवर्ड को डाले आप कंप्यूटर को चालू नहीं कर सकते.

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर कौन था?

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर का नाम परम था , जब अमेरिका ने भारत को सुपर कंप्यूटर देने से इंकार कर दिया, तब 1987 से ही भारत ने अपना सुपर कंप्यूटर बनाने का काम शुरू कर दिया और 1990 में भारत का सुपर कंप्यूटर बन के तैयार हो गया जिसका नाम “परम” रखा गया

हाइब्रिड कंप्यूटर का यूज कहां पर होता है?

हाइब्रिड (Hybrid) कंप्यूटर का Use मुख्य रूप से पेट्रोल पंप पर किया जाता है?

Computer Works In Hindi

कंप्यूटर पहले किसी डाटा को इनपुट करता है फिर उस पर प्रोसेसिंग करता है और फाइनली प्रोसेसिंग करने के बाद हमे उस डाटा का परिणाम दिखाता है, और इस प्रकार कंप्यूटर काम करता है |

Computer Memory कितने प्रकार के होते हैं?

कंप्यूटर मेमोरी दो प्रकार के होता हैं पहला primary memory, तथा दूसरा Secondary Memory Primary memory में Ram, Rom आते हैं वहीं Secondary Memory में CD DVD Pan Drive इत्यादि आते हैं,

कंप्यूटर में मेमोरी क्या होता हैं?

जो कंप्यूटर के फाइल को स्टोर करता हैं इसे कंप्यूटर मेमोरी कहते हैं,

What Is Cloud Computing In Hindi

इन्टरनेट के माध्यम से फाइल को साझा कर पब्लिक, और प्राइवेट रूप से शेयर करने की प्रक्रिया को “Cloud Computing” कहाँ जाता हैं. इसके माध्यम से डाटा, फाइल, नेटवर्किंग, इत्यादी शामिल हैं. Media Fire, Google Drive Cloud Computing के मुख्य उदहारण हैं?

What Is NotePad In Computer In Hindi

Notepad कंप्यूटर का एप्लीकेशन हैं जिसमे आप कुछ स्पेशल टेक्स्ट लिखकर Cut, Copy, एव Paste इत्यादी कर सकते हैं, नोटपैड लगभग हर कंप्यूटर में मिल जाता हैं, और इसे एप्लीकेशन को आप इन्टरनेट के माध्यम से डाउनलोड भी कर सकते हैं.

Name Of Computer Course In Hindi

कंप्यूटर के कुछ महत्वपूर्ण Course के नाम Tally, Dca, Adca, Ccc, Bca, Diploma In Computer Science, Computer Hardware, IT, Java, इत्यादी हैं, 

यह भी पढ़े 

  1. Dca Course क्या हैं?
  2. Tally क्या हैं? कैसे सीखे ?

fact about computer in hindi

  1. कंप्यूटर को हिंदी में संगणक कहते हैं
  2. कंप्यूटर शब्द का निर्माण लैटिन भाषा के Compute शब्द से हुआ हैं जिसका मतलब गणना होता हैं,
  3. कंप्यूटर के  आविष्कारक Charles Babbage को माना जाता है,
  4. पहले के कंप्यूटर आकार बहुत बड़ा था जिसे 20*40 sqr feet के कमरे में रखा जाता था,
  5. सबसे पहला कंप्यूटर ABACUS था लेकिन इसे कंप्यूटर के श्रेणी में नहीं रखा गया, क्योंकि यह कैलकुलेटर का काम करता था, इस प्रकार दुनिया का पहला कंप्यूटर ENIAC Electronic Numerical Integrator And Calculator को माना जाता है,
  6. पहली पीढ़ी के कंप्यूटर “Vaccum Tubes” से बने थे,
  7. सेकंड पीढ़ी के कंप्यूटर “Transister Technology” से बने थे, जो पहले पीढ़ी के कंप्यूटर के मुकाबले वजन और आकार में काम और गति में तेज थे
  8. तीसरे पीढ़ी के कंप्यूटर “Ic Technology” के बने थे 
  9. चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर “Microprocessor” के आधार पर बने थे,
  10. पांचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर “ULSI” के आधार पर बने हैं,
  11. 1964 से पहले जो भी कंप्यूटर बने थे उनमें ना तो कीबोर्ड था और ना ही माउस था
  12. सन 1968 में कीबोर्ड प्रयोग में आया
  13. वर्तमान में एक साल में 5000 कंप्यूटर वायरस बनाए जाते हैं,
  14. Charles Babbage को कंप्यूटर का आविष्कारक इसलिए माना जाता है क्योंकि इनके बनाए गए कंप्यूटर में हम गुना, भाग, आदि के साथ साथ टेक्स्ट भी लिख सकते थे,
  15. दुनिया का पहला वेब ब्राउज़र 1993 में बनाया गया था इस वेब ब्राउज़र का नाम Mosaic था,
  16. भारत का पहला सुपर कंप्यूटर परम था,
  17. परम सुपर कंप्यूटर में कुल 64 सीपीयू लगे थे
  18. साल 1999 के बाद लैपटॉप तथा कंप्यूटर में wifi की फैसिलिटी आई
  19. ABACUS को चाइना और जापान ने मिलकर बनाया था,
  20. सीपीयू को कंप्यूटर का दिमाग (Brain Of Computer) कहां जाता है,
  21. कंप्यूटर का वह भाग जिसे हम छू सकते हैं उस हार्डवेयर कहते हैं,
  22. कंप्यूटर का वह भाग जिसे हम छू नहीं सकते केवल देख सकते हैं उसे हार्डवेयर कहते हैं,
  23. हार्डवेयर तीन प्रकार के होते हैं पहला इनपुट डिवाइस, दूसरा आउटपुट डिवाइस, तथा तीसरा स्टोरेज डिवाइस
  24. Analog Computer का उपयोग मुख्य रूप से अस्पतालों में किया  जाता है
  25. Digital Computer का उपयोग मुख्य रूप से स्कूल, इंस्टीट्यूट्स, आदि में होता है,
  26. Hybrid computer का use ‍ पेट्रोल पंप पर किया जाता है.
  27. Super Computer का Use मुख्य रूप से weather Forecasting के लिए किया जाता है,
  28. Mainframe Computer का Use MNC company में होता है.
  29. Mini Computer का यूज छोटे कंपनियों में किया जाता है|
  30. Micro Computer तिन प्रकार के होते हैं पहला डेस्कटॉप कंप्यूटर, दूसरा लैपटॉप कम्प्यूटर तथा तीसरा Palmtop Computer.
  31. Computer को चलाने वाले व्यक्ति को Humanware कहते हैं |
  32. कीबोर्ड एक इनपुट डिवाइस है यह दो प्रकार के होते हैं पहला स्टैंडर्ड कीबोर्ड, तथा दूसरा enhanced keyboard |
  33. Standard Key में 83-84 key होता है. वहीं enhanced keyboard में 103-108 key होती हैं |
  34. माउस एक इनपुट डिवाइस है माउस दो प्रकार के होते हैं,  पहला Trackball Mouse दूसरा optical Mouse,
  35. Webcam एक इनपुट डिवाइस है जो वीडियो को कंप्यूटर में इनपुट करता है,
  36. BCR का पूरा नाम Bar Code Reader होता है, यह प्रोडक्ट के बार कोड को स्कैन करता हैं,
  37. मॉनिटर एक आउटपुट डिवाइस है जो किसी भी एप्लीकेशन को देखने लायक बनाता हैं,
  38. मॉनिटर 2 प्रकार के होते हैं पहला CRT- Cathode Ray Tube तथा दूसरा LCD- Liquid Crystal Display
  39. प्रिंटर एक आउटपुट डिवाइस है जो किसी डॉक्यूमेंट को बाहर के तरफ निकालता हैं,
  40. प्रिंटर दो प्रकार के होते हैं, पहला, Impact Printer तथा दूसरा, Non-Impact Printer 
  41. Ram का फूल फॉर्म Random Access Memory होता है,
  42. ROM का  फूल फॉर्म  Read Only Memory होता है,
  43. सबसे छोटी यूनिट BIT होती हैं,
  44. 8 BIT= 1 Byte होता है तथा 1024 Byte बराबर 1KB होता है,
  45. 1 MB में ‍ 1024 KB होता है,
  46. 1 GB में 1024 MB होता है,
  47. सबसे बड़ी मेमोरी यूनिट Geopbyte होती हैं |
  48. सॉफ़्टवेयर दो प्रकार के होते हैं सिस्टम सॉफ़्टवेयर और एप्लीकेशन सॉफ़्टवेयर,
  49. Windows, Unix, Dos, आदि सिस्टम सॉफ़्टवेयर के उदहारण है,
  50. Word, excel, आदि एप्लीकेशन सॉफ़्टवेयर के उदहारण है,
  51. मिनी कंप्यूटर एक Small computer हैं यह कंप्यूटर mainframe Computer के अपेक्षा बहुत कमजोर होता है,
  52. कंप्यूटर में सिर्फ Modem एक ऐसी डिवाइस है जो आउटपुट तथा इनपुट दोनों का काम करती हैं,
  53. मेनफ्रेम कंप्यूटर शक्तिशाली कंप्यूटर है जो सैकड़ों उपयोगकर्ता के बीच साझा किया जाता है

निष्कर्ष

तो दोस्तो इस लेख में हम ने जाना “What Is Computer In Hindi” हमने कंप्यूटर क्या हैं के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है, इस पोस्ट में हम computer kya hai के साथ साथ कंप्यूटर से संबंधित जानकारी जैसे – कंप्यूटर क्या हैं, कंप्यूटर के आविष्कारक, कंप्यूटर की पीढ़ी, कंप्यूटर का इतिहास, कंप्यूटर कैसे काम करता है, हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर के बारे में भी बताया हैं,

इस पोस्ट को अपने फैमली, दोस्तो में जरूर शेयर करें ताकि वो भी कंप्यूटर के बारे में जान सके इस पोस्ट (What Is Computer In Hindi) को लिखने में हमें बहुत मेहनत लगी हैं, इसलिए इस पोस्ट के बारे में अपनी प्रतिक्रिया, सुझाव, शिकायत, कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे 

अगर आपको लगता है कि इस पोस्ट में कंप्यूटर से जुड़े किसी सवाल का जवाब नहीं दिया गया है तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में बताए हम 10 मिनट के अंदर आपके सवाल का जवाब देंगे 

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FAQ (What Is Computer)

कंप्यूटर का पूरा नाम क्या है?

कंप्यूटर का पूरा नाम  Operated Machine Particularly Used in Technical and Educational Research है.

कंप्यूटर का दूसरा नाम क्या है ?

कंप्यूटर का दूसरा नाम अभिकालित्र, संगणक, अभीकलक, परीकलक इत्यादि हैं

कंप्यूटर क्या हैं ?

कंप्यूटर एक विद्युतीय( इलेक्ट्रॉनिक) मशीन है जो User द्वारा दिए गए Input को प्राप्त करती हैं, उस पर Processing करती हैं, और Processing करने के बाद हमें Output के रूप में डाटा का परिणाम दिखाती हैं”

कंप्यूटर की खोज कब और किसने की थी?

आपको बता दे की कंप्यूटर की खोज नहीं हुई थी , बल्कि सन 1830 में Charles babbage के द्वारा बनाई गई थी

कंप्यूटर के पिता कौन हैं?

Charles Babbage को कंप्यूटर का पिता कहां जाता है क्योंकि इनके द्वारा बनाए गए Analytical Engine दुनिया का पहला ऐसा कंप्यूटर बना जिसमे जोड़, घटाव, गुना, भाग, के आलावा टेक्स्ट भी लिखा जा सकता था |

भारत में कंप्यूटर की शुरुआत कब हुई थी?

भारत में कंप्यूटर युग की शरूआत 1966 में हुई .डिजिटल कंप्यूटर क्या है?

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर कौन था?

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर का नाम परम था, इस कंप्यूटर में कुल 64 CPU लगे थे 

कंप्यूटर कितने में आता है ?

कंप्यूटर की शुरुआती प्राइज  15000 रुपया हैं, इसके अलावा आप जितना बढ़िया कंप्यूटर लेंगे उतना ही ज्यादा प्राइज होगा, एक बढ़िया कंप्यूटर 40000 से लेकर 60000 के बीच आता हैं

नमस्कार दोस्तों मैं Sonu Kumar इस ब्लॉग का लेखक और मालिक हूँ | मैं अपने ब्लॉग पर Career, Job, Earn Money Tips, और लोगो के Success Story के ऊपर लेख लिखता हूँ,

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